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Translations:Maha Chohan/28/hi: Difference between revisions

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फिर महा चौहान ने हमें बताया कि इस सदी के अंतिम कुछ सालों के समय ईश्वर चक्राकार गति से ब्रह्मांडीय ऊर्जा पृथ्वी पर भेजेंगे जिस से ईश्वर की ऊर्जा सभी जीवों - पुरुष, स्त्री, बच्चे, तथा प्रकृति - में प्रवेश करेगी। पच्चीस साल के अभ्यासकाल (probation period) के समय यह तय किया जाएगा कि अपने समर्पण, त्याग एवं आत्म-शुद्धि (self purification) <ref></ref>द्वारा क्या मानवजाति ईश्वर की ऊर्जा के लिए कोई देवालय स्थापित कर पायेगी कि नहीं।"<ref>आइबिड</ref> Ibid
फिर महा चौहान ने हमें बताया कि इस सदी के अंतिम कुछ सालों के समय ईश्वर चक्राकार गति से ब्रह्मांडीय ऊर्जा पृथ्वी पर भेजेंगे जिस से ईश्वर की ऊर्जा सभी जीवों - पुरुष, स्त्री, बच्चे, तथा प्रकृति - में प्रवेश करेगी। पच्चीस साल के अभ्यासकाल (probation period) के समय यह तय किया जाएगा कि अपने समर्पण, त्याग एवं स्व-शुद्धि (self purification) <ref></ref>द्वारा क्या मानवजाति ईश्वर की ऊर्जा के लिए कोई देवालय स्थापित कर पायेगी कि नहीं।"<ref>आइबिड</ref> Ibid
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