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Afra/hi: Difference between revisions

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जिस प्रकार प्रत्येक व्यक्ति को एक विशेष किरण पर कार्य करना होता है, उसी प्रकार अलग-अलग राष्ट्रों की भी अपनी एक विशेष किरण होती है। प्रत्येक राष्ट्र को ईश्वर द्वारा निश्चित नियति को पूरा करने के लिए विशिष्ट गुण दिए गए हैं। ईश्वरीय शक्ति, इच्छा और विश्वास जो नीली किरण के गुण हैं और  ईश्वरीय एकता, न्याय और करुणा  जो [[Special:MyLanguage/violet ray|वायलेट किरण]] के गुण हैं, इन दोनों किरणों पर निपुणता  हासिल करने के लिए श्याम वर्ग के लोगों को ईश्वर ने पृथ्वी लोक पर भेजा है।
जिस प्रकार प्रत्येक व्यक्ति को एक विशेष किरण पर कार्य करना होता है, उसी प्रकार अलग-अलग राष्ट्रों की भी अपनी एक विशेष किरण होती है। प्रत्येक राष्ट्र को ईश्वर द्वारा निश्चित नियति को पूरा करने के लिए विशिष्ट गुण दिए गए हैं। ईश्वरीय शक्ति, इच्छा और विश्वास जो नीली किरण के गुण हैं और  ईश्वरीय एकता, न्याय और करुणा  जो [[Special:MyLanguage/violet ray|वायलेट किरण]] के गुण हैं, इन दोनों किरणों पर निपुणता  हासिल करने के लिए श्याम वर्ग के लोगों को ईश्वर ने पृथ्वी लोक पर भेजा है।


युगो-युगो तक मनुष्य उच्च आध्यात्मिक अवस्था में [[Special:MyLanguage/Garden of Eden|गार्डन ऑफ़ ईडन]], में ईश्वर के साथ जुड़ा हुआ था। गार्डन ऑफ़ ईडन से बाहर निकलने के बाद जैसे, जैसे समय बदलता गया, मनुष्य धीरे, धीरे अपने ईश्वरीय गुण खोता चला गया और इसके साथ ही उसके त्वचा के रंग में भी बदलाव आना शुरू हो गय। इंद्रधनुष की किरणों के शुद्ध रंग अब न ही मनुष्य की त्वचा में दिखते हैं, न ही उसके आभामंडल में। [[Special:MyLanguage/fallen one|नकारात्मक शक्तियों]] ने मनुष्यों को आपस में लड़ना सीखा दिया है। विभिन्न वर्गों के लोग अक्सर आपस में झगड़ते रहते हैं, एक दुसरे पर हुक्म चलाने की कोशिश में रहते हैं, एक दुसरे को अपना गुलाम बनाने का प्रयतन करते रहते हैं। जिसके फलस्वरूप मनुष्यों की आपसी एकता टूट गयी है और उनके बीच बहने वाली प्रेम की धारा भी बाधित हो गई है।
युगों-युगों तक मनुष्य उच्च आध्यात्मिक अवस्था में [[Special:MyLanguage/Garden of Eden|गार्डन ऑफ़ ईडन]], में ईश्वर के साथ जुड़ा हुआ था। गार्डन ऑफ़ ईडन से बाहर निकलने के बाद जैसे, जैसे समय बदलता गया, मनुष्य धीरे, धीरे अपने ईश्वरीय गुण खोता चला गया और इसके साथ ही उसके त्वचा के रंग में भी बदलाव आना शुरू हो गय। इंद्रधनुष की किरणों के शुद्ध रंग अब न ही मनुष्य की त्वचा में दिखते हैं, न ही उसके आभामंडल में। [[Special:MyLanguage/fallen one|नकारात्मक शक्तियों]] ने मनुष्यों को आपस में लड़ना सीखा दिया है। विभिन्न वर्गों के लोग अक्सर आपस में झगड़ते रहते हैं, एक दुसरे पर हुक्म चलाने की कोशिश में रहते हैं, एक दुसरे को अपना गुलाम बनाने का प्रयतन करते रहते हैं। जिसके फलस्वरूप मनुष्यों की आपसी एकता टूट गयी है और उनके बीच बहने वाली प्रेम की धारा भी बाधित हो गई है।


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