Jump to content

Cosmic consciousness/hi: Difference between revisions

no edit summary
No edit summary
Tags: Mobile edit Mobile web edit
No edit summary
 
Line 2: Line 2:
(१) ईश्वर की स्वयं के बारे में जानकारी कि वह ब्रह्माण्ड का एक हिस्सा भी है तथा संपूर्ण ब्रह्माण्ड भी।  
(१) ईश्वर की स्वयं के बारे में जानकारी कि वह ब्रह्माण्ड का एक हिस्सा भी है तथा संपूर्ण ब्रह्माण्ड भी।  


(२) मनुष्य की स्वयं के बारे में जागरूकता, वह  कैसे रहता है, किस प्रकार का व्यवहार करता है, और स्वयं को किस प्रकार से ब्रह्मांडीय आत्म-जागरूकता और उच्च चेतना के क्षेत्र में चारों ओर से घिरा हुआ पाता है। वह मनुष्य स्वयं को आत्म-जागरूकता के द्वारा  आत्म-साक्षात्कार के योग्य पाता है।  उसमे ब्रह्मांडीय
(२) मनुष्य की स्वयं के बारे में जागरूकता, वह  कैसे रहता है, किस प्रकार का व्यवहार करता है, और स्वयं को किस प्रकार से ब्रह्मांडीय आत्म-जागरूकता और उच्च चेतना के क्षेत्र में चारों ओर से घिरा हुआ पाता है। वह मनुष्य स्वयं को आत्म-जागरूकता के द्वारा  आत्म-साक्षात्कार के योग्य पाता है।  उसमे ब्रह्मांडीय चक्रों (cycles) की निपुणता, ब्रह्मांडीय आयामों में ईश्वरीय अंश के रूप में सहजशीलता, [[Special:MyLanguage/Cosmic Christ|ब्रह्मांडीय चेतना]] के माध्यम से दीक्षा की प्राप्ति के गुण उसके साक्षी होते हैं।
चक्रों (cycles) की निपुणता, ब्रह्मांडीय आयामों में ईश्वरीय अंश के रूप में सहजशीलता, [[Special:MyLanguage/Cosmic Christ|ब्रह्मांडीय चेतना]] के माध्यम से दीक्षा की प्राप्ति के गुण उसके साक्षी होते हैं।


<span id="See_also"></span>
<span id="See_also"></span>