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(Created page with "मूसा के आने की भविष्यवाणी १३,००० साल पहले '''एरनन, राय ऑफ सुएर्न''' ने की थी, जो अटलांटिस के समय ईश्वर का एक दूत था। सुएर्न के लोगों ने उसके अनुशासन के खिलाफ वि...") |
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[[Special:MyLanguage/I AM THAT I AM|ईश्वरीय उपस्थिति]] के संदेशवाहक '''[[Special:MyLanguage/Moses|मूसा]]''' को इस्राएलियों को मिस्र की गुलामी से छुड़ाने के लिए बुलाया गया था। एक्सोडस में लिखा है: "प्रभु ने मूसा से आमने-सामने बात की, जैसे कोई व्यक्ति अपने मित्र से बात करता है।" अब वे दिव्यगुरु [[Special:MyLanguage/Lord Ling|भगवान लिंग]] हैं। | [[Special:MyLanguage/I AM THAT I AM|ईश्वरीय उपस्थिति]] के संदेशवाहक '''[[Special:MyLanguage/Moses|मूसा]]''' को इस्राएलियों को मिस्र की गुलामी से छुड़ाने के लिए बुलाया गया था। एक्सोडस में लिखा है: "प्रभु ने मूसा से आमने-सामने बात की, जैसे कोई व्यक्ति अपने मित्र से बात करता है।" अब वे दिव्यगुरु [[Special:MyLanguage/Lord Ling|भगवान लिंग]] हैं। | ||
मूसा के आने की भविष्यवाणी १३,००० साल पहले '''[[Special:MyLanguage/Ernon, Rai of Suern|एरनन, राय ऑफ सुएर्न]]''' ने की थी, जो [[Special:MyLanguage/Atlantis|अटलांटिस]] के समय ईश्वर का एक दूत था। सुएर्न के लोगों ने उसके अनुशासन के खिलाफ विद्रोह किया, जिसके बाद एरनन ने उन्हें बताया था कि मूसा नमक ईश्वर के अगले दूत के लिए उनको लगभग नब्बे शताब्दियों तक इंतजार करना होगा। सुएर्न के लोगों ने अब्राहम के वंशजों के रूप में इजराइल में पुनर्जन्म लिया। | |||
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