10,464
edits
JaspalSoni (talk | contribs) No edit summary |
JaspalSoni (talk | contribs) No edit summary Tags: Mobile edit Mobile web edit |
||
| Line 10: | Line 10: | ||
</blockquote> | </blockquote> | ||
कर्मों को सूची पत्र में लिखने वाले देवदूत के पास एक विशाल पुस्तकालय और खोज (research) की प्रयोगशालाएं होती हैं जहाँ मनुष्य कर्मों के स्वामी से ऊर्जा (energy), अवसर (opportunity) या ऊर्जा रुपी उपहार (dispensation) की याचिकाएं भेजते हैं तथा प्रत्युत्तर में उन्हें ऊर्जा देने के लिए व्यक्ति-विशेष के अभिलेखों की समीक्षा करने हेतु यह पुस्तकालय और प्रयोगशाला काम आती है। इस प्रकार सूचीपत्र के रक्षक का एक काम यह भी है कि वह प्रत्येक जीवात्मा के विभिन्न जन्मों का विवरण रखे जिसे आवश्यकता पड़ने पर दिव्यगुरूओं और कार्मिक | कर्मों को सूची पत्र में लिखने वाले देवदूत के पास एक विशाल पुस्तकालय और खोज (research) की प्रयोगशालाएं होती हैं जहाँ मनुष्य कर्मों के स्वामी से ऊर्जा (energy), अवसर (opportunity) या ऊर्जा रुपी उपहार (dispensation) की याचिकाएं भेजते हैं तथा प्रत्युत्तर में उन्हें ऊर्जा देने के लिए व्यक्ति-विशेष के अभिलेखों की समीक्षा करने हेतु यह पुस्तकालय और प्रयोगशाला काम आती है। इस प्रकार सूचीपत्र के रक्षक का एक काम यह भी है कि वह प्रत्येक जीवात्मा के विभिन्न जन्मों का विवरण रखे जिसे आवश्यकता पड़ने पर दिव्यगुरूओं और [[कार्मिक समिति]] के सामने रखा जा सके। | ||
१९६२ में ईस्टर के दिन सूचीपत्र के प्रहरी ने सर्वप्रथम इस बात का वर्णन किया था | १९६२ में ईस्टर के दिन सूचीपत्र के प्रहरी ने सर्वप्रथम इस बात का वर्णन किया था | ||
edits