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'''पवित्र श्रम''' वह विशिष्ट कार्य, आजीविका का साधन या व्यवसाय है जिसके द्वारा व्यक्ति अपने लिए तथा अपने साथियों के लिए अपनी जीवात्मा का महत्व स्थापित करता है। व्यक्ति ईश्वर द्वारा दी गयी प्रतिभाओं को विकसित करने के साथ साथ [[Special:MyLanguage/Holy Spirit|आत्मा]] के वरदानों को भी विकसित करता है और उन्हें मानवता की सेवा के प्रति अर्पित करता है। | '''पवित्र श्रम''' वह विशिष्ट कार्य, आजीविका का साधन या व्यवसाय है जिसके द्वारा व्यक्ति अपने लिए तथा अपने साथियों के लिए अपनी जीवात्मा का महत्व स्थापित करता है। व्यक्ति ईश्वर द्वारा दी गयी प्रतिभाओं को विकसित करने के साथ साथ [[Special:MyLanguage/Holy Spirit|आत्मा]] के वरदानों को भी विकसित करता है और उन्हें मानवता की सेवा के प्रति अर्पित करता है। | ||
पवित्र श्रम न केवल व्यक्ति विशेष का समाज को एक योगदान है, बल्कि यह वह साधन है जिसके द्वारा जीवात्मा अपनी [[Special:MyLanguage/threefold flame|त्रिदेव ज्योत]] को संतुलित कर सकती है और [[Special:MyLanguage/seven rays|सात किरणों]] की परीक्षा में भी उत्तीर्ण हो सकती है। व्यावहारिक जीवन में स्वयं को ईश्वर को समर्पित करने का यही एक मार्ग है। | |||
[[File:Gerrit van Honthorst - Childhood of Christ - WGA11656.jpg|thumb|''Childhood of Christ'', Gerard van Honthorst]] | [[File:Gerrit van Honthorst - Childhood of Christ - WGA11656.jpg|thumb|''Childhood of Christ'', Gerard van Honthorst]] | ||
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