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जैसा की हमने बताया था: हम अपना (ईश्वर का) कानून आपके दिल और दिमाग में लिखते हैं।<ref>Jer. 31:33; Heb. 8:10; 10:16.</ref>“अहम्” (I AM) शब्द में ईश्वर का कानून, स्नेह का कानून झलकता है। मैं स्रोत (source) को दर्शाता हूँ, जैसे की नंबर १ और शब्द “मै”। मेरी समरूप जोड़ी ओमेगा मेरी पूरक है इसीलिए वो “आह-म-एगा” कहलाती है। | जैसा की हमने बताया था: हम अपना (ईश्वर का) कानून आपके दिल और दिमाग में लिखते हैं।<ref>Jer. 31:33; Heb. 8:10; 10:16.</ref>“अहम्” (I AM) शब्द में ईश्वर का कानून, स्नेह का कानून झलकता है। मैं स्रोत (source) को दर्शाता हूँ, जैसे की नंबर १ और शब्द “मै”। मेरी समरूप जोड़ी ओमेगा मेरी पूरक है इसीलिए वो “आह-म-एगा” कहलाती है। | ||
मैं | मैं/अमेगा—शुरुआत और अंत<ref>Rev. 1:8, 11; 21:6; 22:13.</ref>— ये घोषणा करती हूँ कि बहती हुई ये जीवन की लहरें जिनसे समस्त ब्रह्माण्ड की रचना हुई है एक ऐसा वरदान हैं जिसके द्वारा हम आपको तथा संसार की अन्य सभी जीवों को अपना स्नेह देते हैं और सभी को एकता और परम आनंद के सूत्र में बांधे भी रखते हैं।<ref>Alpha, “A Replica of the Crystal Atom,” {{POWref|25|51|, December 19, 1982}}</ref> | ||
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