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[[File:0000237 ascended-master-afra-2405AX 600.jpeg|thumb|महादेवदूत | [[File:0000237 ascended-master-afra-2405AX 600.jpeg|thumb|महादेवदूत आफरा]] | ||
श्याम वर्ण के लोगों में सर्व प्रथम जिनकाव्यक्ति का आरोहण हुआ था, उनका नाम '''अफरा''' था। सदियों पहले अफरा ने ईश्वर से कहा था की वे अपना नाम और प्रसिद्धि ईश्वर को समर्पित कर किसी एक महाद्वीप और वहां रहने वाले लोगों का संरक्षण करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा था की वे सिर्फ भाई के नाम से जाने जाना चाहते हैं। इसके बाद ही उनका नाम अफरा पड़ा। लैटिन में ''फ्रेटर'' का अर्थ भाई होता है। अफ्रीका महाद्वीप का नाम इन्हीं के नाम पर पड़ा है, और ये इस महाद्वीप के संरक्षक भी हैं। | श्याम वर्ण के लोगों में सर्व प्रथम जिनकाव्यक्ति का आरोहण हुआ था, उनका नाम '''अफरा''' था। सदियों पहले अफरा ने ईश्वर से कहा था की वे अपना नाम और प्रसिद्धि ईश्वर को समर्पित कर किसी एक महाद्वीप और वहां रहने वाले लोगों का संरक्षण करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा था की वे सिर्फ भाई के नाम से जाने जाना चाहते हैं। इसके बाद ही उनका नाम अफरा पड़ा। लैटिन में ''फ्रेटर'' का अर्थ भाई होता है। अफ्रीका महाद्वीप का नाम इन्हीं के नाम पर पड़ा है, और ये इस महाद्वीप के संरक्षक भी हैं। | ||
<span id="The_ancient_history_of_Africa"></span> | |||
== अफ्रीका का प्राचीन इतिहास == | == अफ्रीका का प्राचीन इतिहास == | ||
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[[Special:MyLanguage/Garden of Eden|गार्डन ऑफ़ ईडन]], से बाहर निकलने के बाद जैसे, जैसे समय बदलता गया, मनुष्य धीरे, धीरे अपने ईश्वरीय गुण खोता चला गया और इसके साथ ही उसके त्वचा के रंग में भी बदलाव आना शुरू हो गय। अब पहले जैसे शुद्ध रंग न ही मनुष्य की त्वचा में दीखते हैं, न ही उसके आभामंडल में। [[Special:MyLanguage/fallen one|नकारात्मक शक्तियों]] (Fallen Ones) ने मनुष्यों को आपस में लड़ना सीखा दिया है। विभिन्न वर्णों के लोग अक्सर आपस में झगड़ते रहते हैं, एक दुसरे पर हुक्म चलाने की कोशिश में रहते हैं, एक दुसरे को अपना गुलाम बनाने का प्रयत्न करते रहते हैं। इसके फलस्वरूप मनुष्यों की आपसी एकता टूट गयी है और उनके बीच बहने वाली प्रेम की धारा भी बाधित हो गई है। | [[Special:MyLanguage/Garden of Eden|गार्डन ऑफ़ ईडन]], से बाहर निकलने के बाद जैसे, जैसे समय बदलता गया, मनुष्य धीरे, धीरे अपने ईश्वरीय गुण खोता चला गया और इसके साथ ही उसके त्वचा के रंग में भी बदलाव आना शुरू हो गय। अब पहले जैसे शुद्ध रंग न ही मनुष्य की त्वचा में दीखते हैं, न ही उसके आभामंडल में। [[Special:MyLanguage/fallen one|नकारात्मक शक्तियों]] (Fallen Ones) ने मनुष्यों को आपस में लड़ना सीखा दिया है। विभिन्न वर्णों के लोग अक्सर आपस में झगड़ते रहते हैं, एक दुसरे पर हुक्म चलाने की कोशिश में रहते हैं, एक दुसरे को अपना गुलाम बनाने का प्रयत्न करते रहते हैं। इसके फलस्वरूप मनुष्यों की आपसी एकता टूट गयी है और उनके बीच बहने वाली प्रेम की धारा भी बाधित हो गई है। | ||
<span id="Afra’s_embodiment_on_Africa"></span> | |||
== अफरा के अफ़्रीकी अवतार == | == अफरा के अफ़्रीकी अवतार == | ||
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अफरा जानते थे कि अधिकाँश लोगों ने अपने अंदर की [[Special:MyLanguage/threefold flame|दिव्य ज्योति]] (Threefold Flame) को खो दिया है। उसी तरह जिस तरह आज भी बहुत सारे लोग क्रोध करने की वजह से अपनी इस दिव्य ज्योति को खो रहे हैं। अफरा जानते थे की इस दिव्य ज्योति को वापिस पाने के लिए मनुष्यों को भाईचारे के रास्ते पर चलना होगा, उन्हें एक दुसरे का ख्याल रखना होगा, देखभाल करनी होगी। और ये बात स्वयं सबका भाई बनकर ही सिखाई जा सकती है। दुःख की बात ये है, केवल इसी बात के लिए बाकी सभी लोगों ने उनको सूली पर चढ़ा दिय। अफरा उन लोगों के बीच जीसस क्राइस्ट के समकक्ष थे, पर वो लोग उन्हें पहचान नहीं पाए। लोग सत्ता के लालच में अंधे हो गए थे। | अफरा जानते थे कि अधिकाँश लोगों ने अपने अंदर की [[Special:MyLanguage/threefold flame|दिव्य ज्योति]] (Threefold Flame) को खो दिया है। उसी तरह जिस तरह आज भी बहुत सारे लोग क्रोध करने की वजह से अपनी इस दिव्य ज्योति को खो रहे हैं। अफरा जानते थे की इस दिव्य ज्योति को वापिस पाने के लिए मनुष्यों को भाईचारे के रास्ते पर चलना होगा, उन्हें एक दुसरे का ख्याल रखना होगा, देखभाल करनी होगी। और ये बात स्वयं सबका भाई बनकर ही सिखाई जा सकती है। दुःख की बात ये है, केवल इसी बात के लिए बाकी सभी लोगों ने उनको सूली पर चढ़ा दिय। अफरा उन लोगों के बीच जीसस क्राइस्ट के समकक्ष थे, पर वो लोग उन्हें पहचान नहीं पाए। लोग सत्ता के लालच में अंधे हो गए थे। | ||
<span id="His_service_today"></span> | |||
== उनकी आज की सेवा == | == उनकी आज की सेवा == | ||
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<blockquote>बहुत समय तक हम इस अद्भुत भक्ति वाली विशाल आत्मा से अनजान रहे। जब तक लोग अपनी खुद की उपलब्धियों में डूबे रहेंगे, वे हमारा हिस्सा नहीं बन सकते।<ref>Ibid., p. 35.</ref></blockquote> | <blockquote>बहुत समय तक हम इस अद्भुत भक्ति वाली विशाल आत्मा से अनजान रहे। जब तक लोग अपनी खुद की उपलब्धियों में डूबे रहेंगे, वे हमारा हिस्सा नहीं बन सकते।<ref>Ibid., p. 35.</ref></blockquote> | ||
<span id="Sources"></span> | |||
== स्रोत == | == स्रोत == | ||
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