Jump to content

Adept/hi: Difference between revisions

no edit summary
No edit summary
No edit summary
Line 12: Line 12:
इसीलिए मैं आपके ऊपर अपने पुत्र (ईसा मसीह) की उस समय की आणविक उपस्तिथि (electronic presence) रखती हूँ जब वह ३३ वर्ष के थे। मेरे प्रियजनो, उनकी उपस्तिथि को पहचानिये, अनुभव कीजिये और वैसा ही बनने की इच्छा रखिये। रास्ते में आने वाली परीक्षाओं की चिंता मत कीजिये, इस बात को समझिये कि अगर आप अपने को उतना निपुण बना लेते हैं तो आपके पवित्र हृदय और निर्मल जीवन से प्ररेणा लेकर बहुत सारे लोग भवसागर के चक्कर से बच सकते हैं।
इसीलिए मैं आपके ऊपर अपने पुत्र (ईसा मसीह) की उस समय की आणविक उपस्तिथि (electronic presence) रखती हूँ जब वह ३३ वर्ष के थे। मेरे प्रियजनो, उनकी उपस्तिथि को पहचानिये, अनुभव कीजिये और वैसा ही बनने की इच्छा रखिये। रास्ते में आने वाली परीक्षाओं की चिंता मत कीजिये, इस बात को समझिये कि अगर आप अपने को उतना निपुण बना लेते हैं तो आपके पवित्र हृदय और निर्मल जीवन से प्ररेणा लेकर बहुत सारे लोग भवसागर के चक्कर से बच सकते हैं।


मेरे प्रियजनों, मैं आपके समक्ष ऐसा करने का प्रस्ताव रखती हूँ। आपके इस प्रेमपूर्ण कार्य से, इस तरह के त्याग से, और इस रास्ते पर चलने में जो भी कष्ट आपके समक्ष आएंगे, उन सब के बदले में आपको पुण्य का प्रतिफल भी मिलेगा। परन्तु यह प्रतिफल आपको स्वयं माँगना पड़ेगा।<ref>मदर मेरी, “The Ineffable Love of Our Oneness,” २४ दिसंबर १९९३, published in {{POWref|36|70|, २९ दिसंबर १९९३,में प्रकाशित}}</ref>
मेरे प्रियजनों, मैं आपके समक्ष ऐसा करने का प्रस्ताव रखती हूँ। आपके इस प्रेमपूर्ण कार्य से, इस तरह के त्याग से, और इस रास्ते पर चलने में जो भी कष्ट आपके समक्ष आएंगे, उन सब के बदले में आपको पुण्य का प्रतिफल भी मिलेगा। परन्तु इस प्रतिफल को पाने क लिए आपको ईश्वर से अनुरोध करना होगा।<ref>मदर मेरी, “The Ineffable Love of Our Oneness,” २४ दिसंबर १९९३, published in {{POWref|36|70|, २९ दिसंबर १९९३,में प्रकाशित}}</ref>
</blockquote>
</blockquote>


10,464

edits