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मैं शांति के गुरु के रूप में जाना जाता हूँ, परन्तु मैं चाहूंगा कि मुझे केवल सुनहरे वस्त्र वाला भाई (brother of the Golden Robe) कहा जाए। यह वह वर्ग है जिसकी स्थापना सदियों पहले उन्होंने की थी जो जानते थे कि सच्चा ज्ञान ही शान्ति और अंततः समझदारी प्रदान करता है।<ref>Phil. 4:7.</ref> हम अपने संघ में आध्यात्मिक उत्थान प्राप्त किये हुए उन सभी को गिनते हैं जिन्होंने मानव जाति को शांति प्रदान करने के लिए सुनहरे प्रकाश की लौ का समर्थन किया है। हम उनको भी अपने संघ का हिस्सा मानते हैं जो ईश्वर के ज्ञान का शांतिपूर्वक प्रतिनिधित्व करने की इच्छा रखते हैं। | मैं शांति के गुरु के रूप में जाना जाता हूँ, परन्तु मैं चाहूंगा कि मुझे केवल सुनहरे वस्त्र वाला भाई (brother of the Golden Robe) कहा जाए। यह वह वर्ग है जिसकी स्थापना सदियों पहले उन्होंने की थी जो जानते थे कि सच्चा ज्ञान ही शान्ति और अंततः समझदारी प्रदान करता है।<ref>Phil. 4:7.</ref> हम अपने संघ में आध्यात्मिक उत्थान प्राप्त किये हुए उन सभी को गिनते हैं जिन्होंने मानव जाति को शांति प्रदान करने के लिए सुनहरे प्रकाश की लौ का समर्थन किया है। हम उनको भी अपने संघ का हिस्सा मानते हैं जो ईश्वर के ज्ञान का शांतिपूर्वक प्रतिनिधित्व करने की इच्छा रखते हैं। | ||
हम नए सदस्यों की खोज में हैं। ये लेख मैं आपको ये बताने के लिए लिख रहा हूँ कि हमारे प्रकोष्ठ (chambers), पुस्तकालय और आश्रयस्थलों में उनके | हम नए सदस्यों की खोज में हैं। ये लेख मैं आपको ये बताने के लिए लिख रहा हूँ कि हमारे प्रकोष्ठ (chambers), पुस्तकालय और आश्रयस्थलों में उनके लिए रिक्त स्थान है जो कर्मठतापूर्वक ईश्वर की उपासना करते हैं तथा ज्ञान के इच्छुक अन्य लोगों की सहायता को सदा तैयार रहते हैं।<ref>कुथुमी, {{POWref|16|11|, मार्च १८, १९७३}} {{OTD}}, दूसरे अध्याय में भी प्रकाशित हुई</ref> | ||
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