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(Created page with "कई हजार साल पहले जब मैं पृथ्वी पर अवतरित हुई थी, मैंने प्रकाश के बच्चों की तरफ से अटलांटिस की अदालतों के समक्ष एक वकील के रूप में कानून का अभ्यास किया था। और मंदिर में सेवा...") |
(Created page with "आज का युग उस पुराने युग से भिन्न नहीं है। आज सभ्यता बढ़ गई है, यह जंगली पौधों और गेहूँ की फसल से भरे खेत की तरह है। आज सभी कुछ मौजूद है। आप जिस भी वस्तु की कल्पना करेंगे, वह आपको इस सभ्यता...") |
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कई हजार साल पहले जब मैं पृथ्वी पर अवतरित हुई थी, मैंने प्रकाश के बच्चों की तरफ से [[Special:MyLanguage/Atlantis|अटलांटिस]] की अदालतों के समक्ष एक वकील के रूप में कानून का अभ्यास किया था। और मंदिर में सेवा करने एवं भगवान के कानून पर चिंतन-मनन करने के बाद मैंने ये जाना कि भगवन का कानून एक सुरक्षा कवच है जो प्रत्येकं माँ को अपने बच्चों को इस दुनिया की बुराई तथा [[Special:MyLanguage/fallen one|पथभ्रष्ट व्यक्तियों]] से बचाने के लिए प्रयोग करना चाहिए। पथभ्रष्ट लोग भगवन के कानून का प्रयोग अपने अनुचित उद्देश्यों को पूरा करने के लिए करते हैं। | कई हजार साल पहले जब मैं पृथ्वी पर अवतरित हुई थी, मैंने प्रकाश के बच्चों की तरफ से [[Special:MyLanguage/Atlantis|अटलांटिस]] की अदालतों के समक्ष एक वकील के रूप में कानून का अभ्यास किया था। और मंदिर में सेवा करने एवं भगवान के कानून पर चिंतन-मनन करने के बाद मैंने ये जाना कि भगवन का कानून एक सुरक्षा कवच है जो प्रत्येकं माँ को अपने बच्चों को इस दुनिया की बुराई तथा [[Special:MyLanguage/fallen one|पथभ्रष्ट व्यक्तियों]] से बचाने के लिए प्रयोग करना चाहिए। पथभ्रष्ट लोग भगवन के कानून का प्रयोग अपने अनुचित उद्देश्यों को पूरा करने के लिए करते हैं। | ||
आज का युग उस पुराने युग से भिन्न नहीं है। आज सभ्यता बढ़ गई है, यह जंगली पौधों और गेहूँ की फसल से भरे खेत की तरह है। आज सभी कुछ मौजूद है। आप जिस भी वस्तु की कल्पना करेंगे, वह आपको इस सभ्यता में मिल जायेगी - फिर चाहे वह भगवान से सम्बंधित हो या धनवानों की, मनुष्य से सम्बंधित हो या राक्षसों से। | |||
We see that the fallen ones have used many avenues to take from the children of God their just portion of the light. We see the usurpation of the law of God by man-made laws that interfere with cosmic justice. We see that these laws and their interpretation in the courts of the world are often in defense of the carnal mind to the exclusion of the defense of the soul in Christ. | We see that the fallen ones have used many avenues to take from the children of God their just portion of the light. We see the usurpation of the law of God by man-made laws that interfere with cosmic justice. We see that these laws and their interpretation in the courts of the world are often in defense of the carnal mind to the exclusion of the defense of the soul in Christ. | ||
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