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कभी कभी बुराई '''सिर्फ बुराई''' होती है- '''पूर्ण बुराई''' जैसे कि पूर्ण अच्छाई। और कभी बुराई अच्छे की तुलना में होती है - मनुष्य अपने दैनिक जीवन में नासमझी से कभी कम तो कभी अधिक गलतियां करता है जिन्हें ईश्वरीय शक्ति से रूपांतरित किया जा सकता है।
कभी कभी बुराई '''सिर्फ बुराई''' होती है- '''पूर्ण बुराई''' जैसे कि पूर्ण अच्छाई। और कभी बुराई अच्छे की तुलना में होती है - मनुष्य अपने दैनिक जीवन में नासमझी से कभी कम तो कभी अधिक गलतियां करता है जिन्हें ईश्वरीय शक्ति से रूपांतरित किया जा सकता है।


'''पूर्ण बुराई''', पथभ्रष्ट देवदूतों द्वारा सन्निहित उन लोगों की स्थिति है जिन्होंने सर्वशक्तिमान ईश्वर, उनकी [[Special:MyLanguage/Christ|चेतना]] और उनकी संतानों के खिलाफ [[Special:MyLanguage/Great Rebellion|महान युद्ध]] की घोषणा की थी, वो जिन्होंने [[Special:MyLanguage/Divine Mother|दिव्य माता]] की संतानों के खिलाफअपना युद्ध बंद नहीं किया, वो जो प्रकाश के सामने घुटने नहीं टेकते और वो जो ईश्वर के फैसले से ईश्वर के मेज़बानों द्वारा (पूर्ण अच्छाई की शक्ति, स्वर्ग और पृथ्वी में ईश्वर की पहचान) [[Special:MyLanguage/Armageddon|आर्मगेडन]] में हार जाएंगे।  
'''पूर्ण बुराई''', पथभ्रष्ट देवदूतों द्वारा सन्निहित उन लोगों की स्थिति है जिन्होंने सर्वशक्तिमान ईश्वर, उनकी [[Special:MyLanguage/Christ|चेतना]] और उनकी संतानों के खिलाफ [[Special:MyLanguage/Great Rebellion|बड़े युद्ध]] की घोषणा की थी, वो जिन्होंने [[Special:MyLanguage/Divine Mother|दिव्य माता]] की संतानों के खिलाफअपना युद्ध बंद नहीं किया, वो जो प्रकाश के सामने घुटने नहीं टेकते और वो जो ईश्वर के फैसले से ईश्वर के मेज़बानों द्वारा (पूर्ण अच्छाई की शक्ति, स्वर्ग और पृथ्वी में ईश्वर की पहचान) [[Special:MyLanguage/Armageddon|आर्मगेडन]] में हार जाएंगे।  


'''सापेक्ष अच्छे और बुरे''' की चेतना, ईश्वर की इच्छा की धारा के विपरीत चलने वाली जीवनधाराओं द्वारा सन्निहित, उन जीवात्माओं द्वारा अपनाई गई स्वतंत्र इच्छा के प्रयोग का परिणाम है, जिन्होंने चैतन्य मन की आवृत्ति से नीचे उतरना ठीक समझा।  
'''सापेक्ष अच्छे और बुरे''' की चेतना, ईश्वर की इच्छा की धारा के विपरीत चलने वाली जीवनधाराओं द्वारा सन्निहित, उन जीवात्माओं द्वारा अपनाई गई स्वतंत्र इच्छा के प्रयोग का परिणाम है, जिन्होंने चैतन्य मन की आवृत्ति से नीचे उतरना ठीक समझा।  
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