10,793
edits
JaspalSoni (talk | contribs) No edit summary |
JaspalSoni (talk | contribs) No edit summary Tags: Mobile edit Mobile web edit |
||
| Line 7: | Line 7: | ||
एल मौरया ने इसका वर्णन कुछ इस प्रकार किया है: | एल मौरया ने इसका वर्णन कुछ इस प्रकार किया है: | ||
<blockquote>दार्जिलिंग | <blockquote>दार्जिलिंग महासभा में १४४ स्थायी सदस्य हैं। कुछ अन्य सदस्य भी है जो अपने सहायकों के साथ इस महासभा में शामिल हैं। हम इन सभी को बहुत आदर के साथ देखते हैं। इनमे से कई अनुसंधान सहायक हैं जो हमारे साथ साथ चलते हुए [[Special:MyLanguage/akasha|आकाश]] के दस्तावेज़ों की तलाश करते हैं जिनकी सहायता से हम आज की सभ्यता को विकसित कर पाएंगे - ये सब विकास हम पूर्व सभय्ताओं में नहीं कर पाए क्योंकि या तो तब लोग स्वार्थी थे, या विकास से अनभिज्ञ थे, या फिर उनके कर्म ऐसे थे की उनका रुझान इस तरफ नहीं हो पाया। | ||
आप ऐसे कुछ लोगों के नाम पहचानते हैं जो १४४ के अंदरूनी गोपनीय दल का हिस्सा हैं - ग्रेट डिवाइन डायरेक्टर गणेश जी, मदर मैरी, [[Special:MyLanguage/Mighty Victory|माइटी विक्ट्री]], [[Special:MyLanguage/Lanello|लैनेलो]], [[Special:MyLanguage/Chohan|चौहान]] और वे लोग जो चौहानों के आश्रय स्थल से आए हैं। कुछ ऐसे [[Special:MyLanguage/archangel|महादेवदूत]] भी हैं जो समिति के सेवा में रहते हैं। | आप ऐसे कुछ लोगों के नाम पहचानते हैं जो १४४ के अंदरूनी गोपनीय दल का हिस्सा हैं - ग्रेट डिवाइन डायरेक्टर गणेश जी, मदर मैरी, [[Special:MyLanguage/Mighty Victory|माइटी विक्ट्री]], [[Special:MyLanguage/Lanello|लैनेलो]], [[Special:MyLanguage/Chohan|चौहान]] और वे लोग जो चौहानों के आश्रय स्थल से आए हैं। कुछ ऐसे [[Special:MyLanguage/archangel|महादेवदूत]] भी हैं जो समिति के सेवा में रहते हैं। | ||
edits