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सृष्टि देव और उनके पदक्रम प्रमुख अपनी क्षमता से अधिक कार्य कर रहे हैं। अब वे संसार के पापों को और अधिक सहन नहीं कर सकते। इसलिए आप उनके लिए प्रार्थना कीजिये। अगर सृष्टि देव अपना काम करने में पूर्णतया असमर्थ हो गए तो आप पृथ्वी ग्रह पर प्रलय का अनुमान लगा सकते हैं। इसलिए सृष्टि देवों के साथ मिलकर रहना आपके हित में है, उन्हें याद रखिये, उनके साथ चलें और बात करें - उनके चार प्रमुखों से प्रार्थना कीजिये, उन्हें प्रोत्साहित कीजिये, आशावादी बनाइये और उनके साथ खड़े रहिये। अन्यथा आप उन्हें एक-एक करके हार मानते हुए देखेंगे.... | सृष्टि देव और उनके पदक्रम प्रमुख अपनी क्षमता से अधिक कार्य कर रहे हैं। अब वे संसार के पापों को और अधिक सहन नहीं कर सकते। इसलिए आप उनके लिए प्रार्थना कीजिये। अगर सृष्टि देव अपना काम करने में पूर्णतया असमर्थ हो गए तो आप पृथ्वी ग्रह पर प्रलय का अनुमान लगा सकते हैं। इसलिए सृष्टि देवों के साथ मिलकर रहना आपके हित में है, उन्हें याद रखिये, उनके साथ चलें और बात करें - उनके चार प्रमुखों से प्रार्थना कीजिये, उन्हें प्रोत्साहित कीजिये, आशावादी बनाइये और उनके साथ खड़े रहिये। अन्यथा आप उन्हें एक-एक करके हार मानते हुए देखेंगे.... | ||
सोचिये, अगर प्रथ्वी के सारे सृष्टि देव हड़ताल पर चले गए, यह कहते हुए कि "अब हम मानजाति के कर्म के पहाड़ों और प्रदूषित पदार्थों से और नहीं निपट सकते" तो क्या होगा।<ref> लैनेलो, “इन द सैंक्चुअरी ऑफ़ द सोल,” {{POWref|40|52|, २८ दिसम्बर १९९७}}</ref> | सोचिये, अगर प्रथ्वी के सारे सृष्टि देव हड़ताल पर चले गए, यह कहते हुए कि "अब हम मानजाति के कर्म के पहाड़ों और प्रदूषित पदार्थों से और नहीं निपट सकते" तो क्या होगा।<ref> लैनेलो, “इन द सैंक्चुअरी ऑफ़ द सोल,” (Lanello, “In the Sanctuary of the Soul) {{POWref|40|52|, २८ दिसम्बर १९९७}}</ref> | ||
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