Jump to content

Lemuria/hi: Difference between revisions

Created page with "आप में से कई लोग लेमुरिया के समय में मौजूद थे। आप लेमुरिया का इतिहास और भूगोल जानते हैं। आपने देवताओं का युद्ध भी देखा है।<ref>१८ अक्टूबर १९८७ को एक दिव्य वाणी में, एलोहीम पीस ने कहा था: "म..."
(Created page with "हम आप सब - प्रकाश और लेमुरिया की जीवात्माओं - के यहाँ पर एकत्र होने के लिए आभारी हैं। इस समय हमारा ध्येय आपको जीवित लौ के दिल में बुलाना है; जीवित लौ पवित्र आत्मा और Special:MyLanguage/Saint Germain|सेंट जर...")
(Created page with "आप में से कई लोग लेमुरिया के समय में मौजूद थे। आप लेमुरिया का इतिहास और भूगोल जानते हैं। आपने देवताओं का युद्ध भी देखा है।<ref>१८ अक्टूबर १९८७ को एक दिव्य वाणी में, एलोहीम पीस ने कहा था: "म...")
Tags: Mobile edit Mobile web edit
Line 74: Line 74:
हम आप सब - प्रकाश और लेमुरिया की जीवात्माओं - के यहाँ पर एकत्र होने के लिए आभारी हैं। इस समय हमारा ध्येय आपको जीवित लौ के दिल में बुलाना है; जीवित लौ पवित्र आत्मा और [[Special:MyLanguage/Saint Germain|सेंट जर्मेन]] की [[Special:MyLanguage/violet flame|बैंगनी लौ]] (violet flame) को कहते हैं। प्रियजनों, हम आपको [[Special:MyLanguage/decrees|डिक्रीस]] देने के लिए कहते हैं ताकि बैंगनी प्रकाश ना सिर्फ समुद्र के ऊपर से बल्कि समुद्र की गहराई में बहुत अंदर तक उतर कर लेमुरिया महाद्वीप के अभिलेखों को साफ कर सके।   
हम आप सब - प्रकाश और लेमुरिया की जीवात्माओं - के यहाँ पर एकत्र होने के लिए आभारी हैं। इस समय हमारा ध्येय आपको जीवित लौ के दिल में बुलाना है; जीवित लौ पवित्र आत्मा और [[Special:MyLanguage/Saint Germain|सेंट जर्मेन]] की [[Special:MyLanguage/violet flame|बैंगनी लौ]] (violet flame) को कहते हैं। प्रियजनों, हम आपको [[Special:MyLanguage/decrees|डिक्रीस]] देने के लिए कहते हैं ताकि बैंगनी प्रकाश ना सिर्फ समुद्र के ऊपर से बल्कि समुद्र की गहराई में बहुत अंदर तक उतर कर लेमुरिया महाद्वीप के अभिलेखों को साफ कर सके।   


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
आप में से कई लोग लेमुरिया के समय में मौजूद थे। आप लेमुरिया का इतिहास और भूगोल जानते हैं। आपने देवताओं का युद्ध भी देखा है।<ref>१८ अक्टूबर १९८७ को एक दिव्य वाणी में, एलोहीम पीस ने कहा था: "मुझे अच्छी तरह से याद है। लेमुरिया के डूबने से पहले जब देवताओं ने पवित्र अग्नि का दुरूपयोग होते देख युद्ध छेड़ा था, मैं उस समय के आकाशीय अभिलेखों को आपके सामने प्रस्तुत करता हूँ। यहां 'देवताओं' से मेरा तात्पर्य उन पथभ्रष्ट देवदूतों से है जिन्होंने अपनी इच्छा से अंधकार और मृत्यु का मार्ग अपनाया था। झूठे पुरोहितवाद और भगवान की रोशनी, ऊर्जा और चेतना का दुरुपयोग करके तथा दिव्य माँ की जीवित रोशनी को धोखा देकर उन्होंने जो कहर ढाया वो महाद्वीपों के डूबने का कारण बना। आज हम मनुष्य की जो स्थिति देख रहे हैं वह पिछले सतयुगों की स्थिति है।" ''पर्ल्स ऑफ विज्डम'' खंड ३०, . ६४, पृ. ५४१.देखें।</ref> आपने लेमुरिया को डूबते हुए देखा था। इसलिए आप अभी भी लेमुरियन हैं; पुराने कर्मों का समाधान करने के लिए दिव्य प्रेम का संकल्प लेने को आप वापिस इस स्थान पर आएं हैं, और वास्तव में इसे घड़ी के ३६० डिग्री पर घटित होना चाहिए....
Many of you who have gathered here on this coast were present in times of Lemuria. You knew its history, you knew its mountains. You saw the warfare of the gods also.<ref>In a dictation given on October 18, 1987, the Elohim Peace said: “I remember well and paint before you the akashic records of the era before the sinking of Lemuria when wars were waged by the gods in the misuse of the sacred fire. And by ‘gods’ I mean those fallen angels embodying by their own free will a left-handed path of darkness and death. Thus, a false priesthood and those who betrayed the living light of the Divine Mother by their misuse of the light, energy and consciousness of God did wreak that havoc that caused the sinking of continents. And past golden ages have descended to the state in which we find mankind this day.” See ''Pearls of Wisdom,'' vol. 30, no. 64, p. 541.</ref> You saw the sinking of Lemuria. Thus you are yet on Lemurian soil and thus you have come back to the place for resolution. The resolution is the resolution of divine love, and truly it must take place 360 degrees of the clock....
</div>


<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr">
7,208

edits