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Mass consciousness/hi: Difference between revisions

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सामूहिक जन चेतना दुनिया के रंग ढंग के अनुसार होती है। ग्रह मंडलों का परिणाम सबसे ऊपर और सबसे निम्न स्तर के कुछ लोगों पर ही निर्भर करता है।  महत्वपूर्ण बात ये  है कि क्या शीर्ष पर मौजूद लोग अपने उस विशिष्ट स्थान को पहचानते हैं? क्या वे ये समझते हैं कि वे वास्तव में शीर्ष पर हैं और पृथ्वी पर रहने वाले लाखों लोगों को प्रकाश देने का उत्तरदायित्व उनपर है? क्या वे मानते हैं कि पथभ्रष्ट (जिनकी चेतना पाताल लोक के कीचड़ में  फँसी है) लोगों को रास्ते पर लाने में उनकी भूमिका सर्वोपरि है?
सामूहिक जन चेतना दुनिया के रंग ढंग के अनुसार होती है। ग्रह मंडलों का परिणाम सबसे ऊपर और सबसे निम्न स्तर के कुछ लोगों पर ही निर्भर करता है।  महत्वपूर्ण बात ये  है कि क्या शीर्ष पर मौजूद लोग अपने उस विशिष्ट स्थान को पहचानते हैं? क्या वे ये समझते हैं कि वे वास्तव में शीर्ष पर हैं और पृथ्वी पर रहने वाले लाखों लोगों को प्रकाश देने का उत्तरदायित्व उनपर है? क्या वे मानते हैं कि पथभ्रष्ट (जिनकी चेतना पाताल लोक के कीचड़ में  फँसी है) लोगों को रास्ते पर लाने में उनकी भूमिका सर्वोपरि है?


Blessed ones, the destiny, then, of earth can be said to be in the hands of a few and [in the balance of] the decisions that are made by those in the spectra of Light and those in the spectra of Darkness.<ref>Cuzco, “The Wisdom of God Parents,” {{POWref|32|2|, January 8, 1989}}</ref>
इसलिए हम ये कह सकते हैं कि पृथ्वी की नियति को कुछ लोगों के हाथों में है। यह दो प्रकार के लोगों के निर्णयों के संतुलन पर निर्भर है - एक वो जो प्रकाश की विस्तृत श्रेणी में रहते हैं तथा दूसरे वो जो अन्धकार में रहते हैं।<ref>कुज़्को, “द विज़डम ऑफ गॉड पेरेंट्स,” {{POWref|३२||, ८ जनवरी, 1989}}</ref>
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