7,234
edits
(Created page with "रेससेरक्शन टेम्पल का पवित्र हृदय मेरी का केंद्र है, और यह त्रिदेव ज्योत का केंद्र भी है। सेंट जर्मेन और जीसस के साथ मिलकर मेरी ने आने वाले दो हज़ार साल के लिए ईसाई विश्वास और आने वाले...") |
(Created page with "१९८४ में मेरी ने कहा:") |
||
| Line 127: | Line 127: | ||
रेससेरक्शन टेम्पल का पवित्र हृदय मेरी का केंद्र है, और यह त्रिदेव ज्योत का केंद्र भी है। सेंट जर्मेन और जीसस के साथ मिलकर मेरी ने आने वाले दो हज़ार साल के लिए ईसाई विश्वास और आने वाले युग की नींव रखी। | रेससेरक्शन टेम्पल का पवित्र हृदय मेरी का केंद्र है, और यह त्रिदेव ज्योत का केंद्र भी है। सेंट जर्मेन और जीसस के साथ मिलकर मेरी ने आने वाले दो हज़ार साल के लिए ईसाई विश्वास और आने वाले युग की नींव रखी। | ||
मेरी कहती हैं, "सदियों से मैंने मनुष्यों को जीवात्माओं की रक्षा करने हेतु ईश्वर की प्रार्थना करने और माला का जाप करने पर ज़ोर दिया है। लाखों लोगों ने मेरा कहा माना है और स्वयं को सुरक्षित किया।"<ref>मदर मेरी २४ फरवरी, १९८०.</ref> जब मेरी ने फ़ातिमा, [[Special:MyLanguage/Medjugorje|मेडजुगोरजे]] और दुनिया के अन्य स्थानों पर लोगों को दर्शन दिए तो उन्होंने लोगों को यह चेतावनी भी दी कि उनकी बातों को नज़रअंदाज़ करने का फल अच्छा नहीं होगा। | |||
१९८४ में मेरी ने कहा: | |||
<div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> | <div lang="en" dir="ltr" class="mw-content-ltr"> | ||
edits