10,474
edits
JaspalSoni (talk | contribs) No edit summary |
JaspalSoni (talk | contribs) No edit summary |
||
| Line 1: | Line 1: | ||
मैं इन सूचीपत्रों को तब ही देखता हूँ जब मुझे कार्मिक समिति के सदस्य कहते हैं। ऐसा तब होता है जब किसी जीवनधारा का मूल्यांकन उनकों अवसर प्रदान करके कर्मों के बोझ को अस्थायी रूप करना होता है। मूल्यांकन के तुरंत बाद मैं वायलेट लौ का प्रयोग कर अपनी चेतना से उस जीवनधारा के विषय प्राप्त हुई हर जानकारी बात को मिटा देता हूँ।<ref>Ibid.</ref> | मैं इन सूचीपत्रों को तब ही देखता हूँ जब मुझे कार्मिक समिति के सदस्य कहते हैं। ऐसा तब होता है जब किसी जीवनधारा का मूल्यांकन उनकों अवसर प्रदान करके कर्मों के बोझ को अस्थायी रूप से कम करना होता है। मूल्यांकन के तुरंत बाद मैं वायलेट लौ का प्रयोग कर अपनी चेतना से उस जीवनधारा के विषय प्राप्त हुई हर जानकारी बात को मिटा देता हूँ।<ref>Ibid.</ref> | ||
</blockquote> | </blockquote> | ||
edits