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जनवरी १९६१ में मैंने [[Special:MyLanguage/The Summit Lighthouse| समिट लाइटहाउस]] (The Summit Lighthouse) के अंतर्गत सेवकों के एक समूह द्वारा स्थापित 'ईश्वरीय लौ के पालकों का समुदाय' को मान्यतता दी। ये वो सेवक थे जो जीवन ज्योति (flame of Life) और | जनवरी १९६१ में मैंने [[Special:MyLanguage/The Summit Lighthouse| समिट लाइटहाउस]] (The Summit Lighthouse) के अंतर्गत सेवकों के एक समूह द्वारा स्थापित 'ईश्वरीय लौ के पालकों का समुदाय' को मान्यतता दी। ये वो सेवक थे जो जीवन ज्योति (flame of Life) और नाइट कमांडर (Knight Commander) संत जरमेन के प्रति कर्तव्यनिष्ठ थे। मैंने उन सभी को आमंत्रित किया था जिन्होनें [[Special:MyLanguage/Aquarian age|कुंभ युग]] (Aquarian age) के इस पदक्रम प्रमुख को अपना समर्थन दे यह प्रतिज्ञा की थी कि वे [[Special:MyLanguage/sons and daughters of God|भगवान के बेटे और बेटियों]] (sons and daughters of God) को ईश्वर की [[Special:MyLanguage/Holy Spirit|पवित्र आत्मा]] में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। ऐसा करके वे स्वयं को [[Special:MyLanguage/Christ consciousness|आत्मिक चेतना]] के उत्तराधिकारी के रूप में सिद्ध कर सकते हैं। | ||
जिन लोगों ने [[Special:MyLanguage/hierarchy|पदक्रम]] द्वारा दी गई शिक्षा के प्रचार के लिए दिव्यगुरूओं और हमारे दूतों मार्क और एलिजाबेथ प्रोफेट के कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने के लिए अपना समर्थन दिया उन्हें मैंने और नाइट कमांडर ने श्वेत महासंघ के बाहरी समुदाय में शामिल होने का आमंत्रण दिया था। | जिन लोगों ने [[Special:MyLanguage/hierarchy|पदक्रम]] द्वारा दी गई शिक्षा के प्रचार के लिए दिव्यगुरूओं और हमारे दूतों मार्क और एलिजाबेथ प्रोफेट के कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने के लिए अपना समर्थन दिया उन्हें मैंने और नाइट कमांडर ने श्वेत महासंघ के बाहरी समुदाय में शामिल होने का आमंत्रण दिया था। | ||
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