10,862
edits
JaspalSoni (talk | contribs) No edit summary |
JaspalSoni (talk | contribs) No edit summary |
||
| Line 23: | Line 23: | ||
छठी शताब्दी बी.सी में वह यूनानी दार्शनिक पायथागोरस थे जिन्हें "हलके रंग के बालों वाला सैमियन" (fair-haired Samian) भी कहा जाता था। इन्हें [[Special:MyLanguage/Apollo|अपोलो]] (Apollo) का पुत्र माना जाता था। युवावस्था में डेमेटर (Demeter) (यूनान में कृषि की देवी जिन्हें धरती की माँ भी कहते हैं) ने उन्हें आतंरिक न्याय के बारे में ज्ञान दिया। इसके बाद से इस ज्ञान का वैज्ञानिक प्रमाण जानने के लिए पायथागोरस पुजारियों और विद्वानों के साथ निर्भीक रूप से चर्चा करते थे। सत्य की खोज में वह कई स्थानों, जैसे फिलिस्तीन, अरब, और भारत गए। अंततः ये मिस्र के मंदिरों में पहुंचे जहां उन्होंने मेम्फिस (Memphis) के पुजारियों का विश्वास जीता तथा थेब्स (Thebes) नामक शहर में [[Special:MyLanguage/Isis|आइसिस]] (Isis) (मिस्र की देवी जिन्हें दिव्य माँ भी कहते हैं) के रहस्यों को जानने शिष्यता प्राप्त की। | छठी शताब्दी बी.सी में वह यूनानी दार्शनिक पायथागोरस थे जिन्हें "हलके रंग के बालों वाला सैमियन" (fair-haired Samian) भी कहा जाता था। इन्हें [[Special:MyLanguage/Apollo|अपोलो]] (Apollo) का पुत्र माना जाता था। युवावस्था में डेमेटर (Demeter) (यूनान में कृषि की देवी जिन्हें धरती की माँ भी कहते हैं) ने उन्हें आतंरिक न्याय के बारे में ज्ञान दिया। इसके बाद से इस ज्ञान का वैज्ञानिक प्रमाण जानने के लिए पायथागोरस पुजारियों और विद्वानों के साथ निर्भीक रूप से चर्चा करते थे। सत्य की खोज में वह कई स्थानों, जैसे फिलिस्तीन, अरब, और भारत गए। अंततः ये मिस्र के मंदिरों में पहुंचे जहां उन्होंने मेम्फिस (Memphis) के पुजारियों का विश्वास जीता तथा थेब्स (Thebes) नामक शहर में [[Special:MyLanguage/Isis|आइसिस]] (Isis) (मिस्र की देवी जिन्हें दिव्य माँ भी कहते हैं) के रहस्यों को जानने शिष्यता प्राप्त की। | ||
लगभग ५२९ बीसी के दौरान जब एशिया के एक विजेता कमबाईसिस (Cambyses) ने मिस्र पर आक्रमण किया तो पायथागोरस को बेबीलोन भेज दिया गया। पैग़ंबर डैनियल (Prophet Daniel) यहाँ पर राजा के मंत्री के पद पर कार्यरत थे। यहां पर रब्बी (rabbis) समूह ने उन्हें [[Special:MyLanguage/I AM THAT I AM|ईश्वरीय स्वरूप]] (I AM THAT I AM) के बारे में शिक्षा दी - यह शिक्षा पहले [[Special:MyLanguage/Moses|मूसा]] (Moses) को दी गई थी। पारसी पुजारियों और [[Special:MyLanguage/magi|मेजाई]] (magi) ने उन्हें संगीत, खगोल विज्ञान और आह्वान करने के विज्ञान के बारे में शिक्षा दी। पायथागोरस यहाँ पर १२ साल रहे जिसके उपरान्त उन्होंने बेबीलोन (Babylon) छोड़ दिया और [[Special:MyLanguage/Crotona|क्रोटोना]] (Crotona) में चेलों के एक महासंघ (brotherhood) की स्थापना की। क्रोटना दक्षिणी इटली में स्थित डोरियन (Dorian) का एक व्यस्त बंदरगाह है। उनका “चुने हुए लोगों का शहर”[[Special:MyLanguage/Great White Brotherhood|श्वेत महासंघ]] (Great White Brotherhood) का एक [[Special:MyLanguage/mystery school|रहस्यवादी विद्यालय]] (mystery school) है। | लगभग ५२९ बीसी के दौरान जब एशिया के एक विजेता कमबाईसिस (Cambyses) ने मिस्र पर आक्रमण किया तो पायथागोरस को बेबीलोन भेज दिया गया। पैग़ंबर डैनियल (Prophet Daniel) यहाँ पर राजा के मंत्री के पद पर कार्यरत थे। यहां पर रब्बी (rabbis) समूह ने उन्हें [[Special:MyLanguage/I AM THAT I AM|ईश्वरीय स्वरूप]] (I AM THAT I AM) के बारे में शिक्षा दी - यह शिक्षा पहले [[Special:MyLanguage/Moses|मूसा]] (Moses) को दी गई थी। पारसी पुजारियों और | ||
[[Special:MyLanguage/magi|मेजाई]] (ज्योतिष विद्या के ज्ञानी)(magi) ने उन्हें संगीत, खगोल विज्ञान और आह्वान करने के विज्ञान के बारे में शिक्षा दी। पायथागोरस यहाँ पर १२ साल रहे जिसके उपरान्त उन्होंने बेबीलोन (Babylon) छोड़ दिया और [[Special:MyLanguage/Crotona|क्रोटोना]] (Crotona) में चेलों के एक महासंघ (brotherhood) की स्थापना की। क्रोटना दक्षिणी इटली में स्थित डोरियन (Dorian) का एक व्यस्त बंदरगाह है। उनका “चुने हुए लोगों का शहर”[[Special:MyLanguage/Great White Brotherhood|श्वेत महासंघ]] (Great White Brotherhood) का एक [[Special:MyLanguage/mystery school|रहस्यवादी विद्यालय]] (mystery school) है। | |||
क्रोटोना (Crotona) में सावधानीपूर्वक चुने गए कुछ पुरुषों और स्त्रियों ने सार्वभौमिक नियमों की गणितीय अभिव्यक्ति (mathematical expression) पर आधारित एक दर्शन का अनुसरण किया जो उनके अनुशासित तरीके के जीवन की लय और सद्भाव एवं संगीत में चित्रित है। पांच साल की कठिन मौन की परिवीक्षा के बाद, पायथागोरस के "गणितज्ञों" ने दीक्षाओं की एक श्रृंखला के माध्यम से प्रगति की, हृदय की सहज क्षमताओं को विकसित किया जिससे ईश्वर के पुत्र या पुत्री, जैसा कि पायथागोरस के "गोल्डन वर्सेज" (''Golden Verses'') में कहा गया है, "एक अमर ईश्वर दिव्य, अब नश्वर नहीं।" | क्रोटोना (Crotona) में सावधानीपूर्वक चुने गए कुछ पुरुषों और स्त्रियों ने सार्वभौमिक नियमों की गणितीय अभिव्यक्ति (mathematical expression) पर आधारित एक दर्शन का अनुसरण किया जो उनके अनुशासित तरीके के जीवन की लय और सद्भाव एवं संगीत में चित्रित है। पांच साल की कठिन मौन की परिवीक्षा के बाद, पायथागोरस के "गणितज्ञों" ने दीक्षाओं की एक श्रृंखला के माध्यम से प्रगति की, हृदय की सहज क्षमताओं को विकसित किया जिससे ईश्वर के पुत्र या पुत्री, जैसा कि पायथागोरस के "गोल्डन वर्सेज" (''Golden Verses'') में कहा गया है, "एक अमर ईश्वर दिव्य, अब नश्वर नहीं।" | ||
edits