10,793
edits
JaspalSoni (talk | contribs) No edit summary |
JaspalSoni (talk | contribs) No edit summary |
||
| Line 1: | Line 1: | ||
पायथागोरस परोक्ष रूप से गुप्त भाषा में व्याख्यान देते थे - उनके शब्दों का सार केवल उच्च श्रेणी के शिष्य ही समझ सकते थे। उनका मानना था कि संख्या ही सृष्टि का रूप है और सार भी। उन्होंने यूक्लिड ज्यामिति (Euclid’s geometry) के मुख्य भागों की रचना की और कई खगोलीय | पायथागोरस परोक्ष रूप से गुप्त भाषा में व्याख्यान देते थे - उनके शब्दों का सार केवल उच्च श्रेणी के शिष्य ही समझ सकते थे। उनका मानना था कि संख्या ही सृष्टि का रूप है और सार भी। उन्होंने यूक्लिड ज्यामिति (Euclid’s geometry) के मुख्य भागों की रचना की और कई खगोलीय विचारों (astronomical ideas) पर काम किया जिन पर बाद में कोपरनिकस (Copernicus) ने भी काम किया और कई अवधारणाएं प्रतिपादित कीं। पायथागोरस से प्रभावित होकर क्रोटोना के लगधग दो हजार नागरिकों ने अपनी पारंपरिक जीवनशैली छोड़ काउंसिल ऑफ़ थ्री हंड्रेड (Council of Three Hundred) के तहत पायथागॉरियन समुदाय का निर्माण किया। इस काउंसिल ने एक सरकारी, वैज्ञानिक और धार्मिक संस्थान के तरीके से कार्य किया जिसने बाद में मैग्ना ग्रीसिया (Magna Grecia) को काफी प्रभावित किया। | ||
edits