10,464
edits
No edit summary |
JaspalSoni (talk | contribs) No edit summary |
||
| Line 1: | Line 1: | ||
कश्मीरी ब्राह्मण ने ड्रेसडेन (Dresden), वुर्जबर्ग (Würzburg), नूर्नबर्ग (Nürnberg) और लीपज़िग विश्वविद्यालय (university of Leipzig) में काफी समय बिताया। १८७५ में उन्होंने आधुनिक मनोविज्ञान के संस्थापक डॉ. गुस्ताव फेचनर (Dr. Gustav Fechner) से मुलाकात की। उनका बाकी का जीवन तिब्बत के शिगात्से में बौद्ध भिक्षुओं के मठ में बीता, जहां बाहरी दुनिया के साथ उनके संपर्क में उनके कुछ समर्पित छात्रों को डाक द्वारा भेजे गए उपदेशात्मक लेख शामिल थे। ये पत्र अब ब्रिटिश संग्रहालय में संग्रहीत हैं। | कश्मीरी ब्राह्मण (Kuthumi) ने ड्रेसडेन (Dresden), वुर्जबर्ग (Würzburg), नूर्नबर्ग (Nürnberg) और लीपज़िग विश्वविद्यालय (university of Leipzig) में काफी समय बिताया। १८७५ में उन्होंने आधुनिक मनोविज्ञान के संस्थापक डॉ. गुस्ताव फेचनर (Dr. Gustav Fechner) से मुलाकात की। उनका बाकी का जीवन तिब्बत के शिगात्से में बौद्ध भिक्षुओं के मठ में बीता, जहां बाहरी दुनिया के साथ उनके संपर्क में उनके कुछ समर्पित छात्रों को डाक द्वारा भेजे गए उपदेशात्मक लेख शामिल थे। ये पत्र अब ब्रिटिश संग्रहालय में संग्रहीत हैं। | ||
edits