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पवित्र श्रम में कार्यरत सभी जीवात्माओं को मिलाकर [[Special:MyLanguage/community of the Holy Spirit|आत्मा का समाज]] बनता हैं। जब हम [[Special:MyLanguage/Jesus|ईसा मसीह]] के जीवन पर नज़र डालते हैं, तो हम देखते हैं कि उनका ईसाई धर्म का अनुपालन तथा मनुष्य में ईश्वर के कार्यों को क्रियान्वित करने का उनका मार्ग एक साधारण घर में शुरू हुआ, उस घर में जहाँ उनकी माँ ने उन्हें आध्यात्मिक विषयों की शिक्षा दी थी। बहुत ही कम उम्र में ही ईसा मसीह को अपने पिता के पास बढ़ईगीरी का काम सीखने के लिए प्रशिक्षु के रूप में भेज दिया गया था। | पवित्र श्रम में कार्यरत सभी जीवात्माओं को मिलाकर [[Special:MyLanguage/community of the Holy Spirit|आत्मा का समाज]] बनता हैं। जब हम [[Special:MyLanguage/Jesus|ईसा मसीह]] के जीवन पर नज़र डालते हैं, तो हम देखते हैं कि उनका ईसाई धर्म का अनुपालन तथा मनुष्य में ईश्वर के कार्यों को क्रियान्वित करने का उनका मार्ग एक साधारण घर में शुरू हुआ, उस घर में जहाँ उनकी माँ ने उन्हें आध्यात्मिक विषयों की शिक्षा दी थी। बहुत ही कम उम्र में ही ईसा मसीह को अपने पिता के पास बढ़ईगीरी का काम सीखने के लिए प्रशिक्षु के रूप में भेज दिया गया था। | ||
कुमरान स्थित [[Special:MyLanguage/Essenes|एस्सेन समाज]] पवित्र आत्मा के समाज का एक उदाहरण है। इस समाज में प्रत्येक व्यक्ति के पवित्र श्रम का सम्मान किया जाता था। प्रत्येक व्यक्ति (चाहे वह पुरुष हो या स्त्री) को ईसा मसीह का चेला माना जाता था और इस नाते प्रत्येक जन को किसी न किसी व्यवसाय में निपुणता प्राप्त करना आवश्यक था। इस तरह उनका व्यवसाय ने केवल समुदाय प्रति उनका योगदान हुआ, बल्कि उनकी जीवात्मा की पूर्णता का साधन भी बन गया। तो हम यह कह सकते हैं कि प्रत्येक युग में पवित्र श्रम वह साधन प्रदान करता है जिसके द्वारा जीवात्मा अपनी त्रिदेव ज्योत को संतुलित कर सकती है, और व्यवहारिक तथा सैद्धांतिक रूप से सात किरणों की परीक्षा भी उत्तीर्ण कर सकती है। | |||
Students at [[Summit University]] are taught to strive for perfection in every aspect of life as a means to creative fulfillment and to the mastery of the energies of the soul. They are encouraged to take jobs which will enable them to discover that certain genius which God has given to everyone. They must determine, if they have not already done so, what their life’s calling is and how they can best respond to the requirements of the soul’s blueprint for life while keeping the vows they took before the [[Lords of Karma]] prior to this embodiment. | Students at [[Summit University]] are taught to strive for perfection in every aspect of life as a means to creative fulfillment and to the mastery of the energies of the soul. They are encouraged to take jobs which will enable them to discover that certain genius which God has given to everyone. They must determine, if they have not already done so, what their life’s calling is and how they can best respond to the requirements of the soul’s blueprint for life while keeping the vows they took before the [[Lords of Karma]] prior to this embodiment. | ||
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