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Maha Chohan/hi: Difference between revisions

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श्वेत-अग्नि के देवदूतों के समूह (जो श्रीलंका द्वीप में स्थित अल्फा और ओमेगा (Alpha and Omega) के आकाशीय आश्रय स्थल में शुद्ध श्वेत लौ (white-fire) की सेवा में सलंग्न हैं) इस कार्य में उनकी मदद करते हैं। ये देवदूत उस लौ से पवित्र अग्नि का मूलतत्त्व ग्रहण करके पृथ्वी के [[Special:MyLanguage/four lower bodies|चार निचले शरीरों]] (four lower bodies) में [[Special:MyLanguage/Prana|प्राणवायु]] (Prana)  शक्ति को बनाए रखते हैं।  
श्वेत-अग्नि के देवदूतों के समूह (जो श्रीलंका द्वीप में स्थित अल्फा और ओमेगा (Alpha and Omega) के आकाशीय आश्रय स्थल में शुद्ध श्वेत लौ (white-fire) की सेवा में सलंग्न हैं) इस कार्य में उनकी मदद करते हैं। ये देवदूत उस लौ से पवित्र अग्नि का मूलतत्त्व ग्रहण करके पृथ्वी के [[Special:MyLanguage/four lower bodies|चार निचले शरीरों]] (four lower bodies) में [[Special:MyLanguage/Prana|प्राणवायु]] (Prana)  शक्ति को बनाए रखते हैं।  


गुलाबी-लौ (pink-flame) के देवदूत भी महा चौहान के सेवा में तैनात रहते हैं। इनके पास के एक कमरे में क्रिस्टल (crystal) के एक प्याले में सुनहरी बुनियाद पर एक गुलाबी-श्वेत रंग की लौ जलती है जिसमें से दिव्य प्रेम की एक शक्तिशाली चमक निकलती है। ये सारे देवदूत इस लौ से निकलने वाली लपटों को पृथ्वी के कोने कोने में उन सभी मनुष्यों के दिलों तक ले जाते हैं जो ईश्वर को पाने के लिए तरसते हैं।
गुलाबी-लौ (pink-flame) के देवदूत भी महा चौहान के सेवा में तैनात रहते हैं। पास के एक लौ कक्ष में, क्रिस्टल फ़ाख़तों (Dove) से सजे क्रिस्टल (crystal) प्याले में एक सफेद लौ स्थिर है, जिसमें गुलाबी रंग की झलक है और आधार पर सोना है, जो दिव्य प्रेम की शक्तिशाली चमक बिखेरती है। ये देवदूत इन लपटों की किरणों को पृथ्वी के चारों कोनों तक, उन सभी के हृदयों तक पहुंचाते हैं जो पिता-माता ईश्वर से सांत्वना और पवित्रता की कामना करते हैं।
 
पास के एक लौ कक्ष में, क्रिस्टल कबूतरों से सजे क्रिस्टल प्याले में एक सफेद लौ स्थिर है, जिसमें गुलाबी रंग की झलक है और आधार पर सोना है, जो दिव्य प्रेम की शक्तिशाली चमक बिखेरती है। ये देवदूत इन लपटों की किरणों को पृथ्वी के चारों कोनों तक, उन सभी के हृदयों तक पहुंचाते हैं जो पिता-माता ईश्वर से सांत्वना और पवित्रता की कामना करते हैं।


[[Special:MyLanguage/Pentecost|पेंटेकोस्ट]] (Pentecost) के दिन जब शिष्यों के ह्रदय अत्यंत निर्मल और पावन हो गए थे, पवित्र आत्मा की जुड़वां लौ (twin flame) आग की लपलपाती हुई जिह्वा के रूप में प्रकट हुई।<ref>Acts२:३।</ref>जब ईसा मसीह का ईसाई धर्म का विधिवत सदस्‍य बनने का संस्‍कार किया गया था तो उन्होंने ईश्वर को एक कबूतर के रूप में नीचे उतरते हुए एव अपने ऊपर प्रकाश डालते हुए देखा था।"<ref>Matt३:१६</ref> कबूतर पवित्र आत्मा की जुड़वां लौ (twin flame) का भौतिक स्वरुप है, जिसे पंखों के साथ एक वी के रूप में भी देखा जा सकता है। यह देवता के स्त्री और पुरुष ध्रुवों को दर्शाता है और यह भी याद दिलाता है कि जुड़वाँ लौ (twin flame) ईश्वर के उभयलिंगी (androgynous) स्वभाव को प्रदर्शित करती हैं।
[[Special:MyLanguage/Pentecost|पेंटेकोस्ट]] (Pentecost) के दिन जब शिष्यों के ह्रदय अत्यंत निर्मल और पावन हो गए थे, पवित्र आत्मा की जुड़वां लौ (twin flame) आग की लपलपाती हुई जिह्वा के रूप में प्रकट हुई।<ref>Acts२:३।</ref>जब ईसा मसीह का ईसाई धर्म का विधिवत सदस्‍य बनने का संस्‍कार किया गया था तो उन्होंने ईश्वर को एक कबूतर के रूप में नीचे उतरते हुए एव अपने ऊपर प्रकाश डालते हुए देखा था।"<ref>Matt३:१६</ref> कबूतर पवित्र आत्मा की जुड़वां लौ (twin flame) का भौतिक स्वरुप है, जिसे पंखों के साथ एक वी के रूप में भी देखा जा सकता है। यह देवता के स्त्री और पुरुष ध्रुवों को दर्शाता है और यह भी याद दिलाता है कि जुड़वाँ लौ (twin flame) ईश्वर के उभयलिंगी (androgynous) स्वभाव को प्रदर्शित करती हैं।
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