10,860
edits
(Created page with "{{LTH}}.") |
JaspalSoni (talk | contribs) No edit summary |
||
| Line 1: | Line 1: | ||
<languages /> | <languages /> | ||
भौतिक शरीर मनुष्य के [[Special:MyLanguage/four lower bodies|चार निचले शरीरों]] में से सबसे ज़्यादा घनत्व वाला शरीर है। यह पृथ्वी तत्व और [[Special:MyLanguage/Matter|पदार्थ]] के चौथे चतुर्थांश के अनुरूप है। यह शरीर पृथ्वी पर [[Special:MyLanguage/soul|जीवात्मा]] के निवास के दौरान उसका वाहन बनता है और [[Special:MyLanguage/etheric body|आकाशीय शरीर]], [[Special:MyLanguage/mental body|मानसिक शरीर]], और [[Special:MyLanguage/emotional body|भावनात्मक शरीर]] की ऊर्जाओं का केंद्र है। | |||
भौतिक शरीर विकसित होती हुई [[Special:MyLanguage/soul|जीवात्मा]] के एकीकरण का केंद्र है। भौतिक सप्तक में स्वयं के ऊपर विजय प्राप्त कर के जीवात्मा को स्वतंत्र होना होता है। आकाशीय [[Special:MyLanguage/chakra|चक्र]] (सातों प्रमुख तथा आठवाँ), तीन निचले शरीरों से सलंग्न हैं। ये सभी चक्र आध्यात्मिक लौ के केंद्र हैं, तथा यहीं पर आध्यात्मिक उत्थान के वक्त उच्च और निम्न ऊर्जाओं की अदल-बदल, [[Special:MyLanguage/transmutation|रूपांतरण]], [[Special:MyLanguage/Christ consciousness|आत्मिक चेतना]] या यूँ कहिये प्रकाश का उत्सर्ग भी होता है। यही कार्य [[Special:MyLanguage/secret chamber of the heart|ह्रदय के गुप्त कक्ष]] में स्थित [[Special:MyLanguage/threefold flame|त्रिदेव ज्योत]], [[Special:MyLanguage/base-of-the-spine chakra|मूलाधार चक्र]] में निहित [[Special:MyLanguage/Kundalini|कुण्डलिनी शक्ति]] (जीवन शक्ति) एवं शरीर के [[Special:MyLanguage/seed atom|बीज अणु]] में भी होता है। | भौतिक शरीर विकसित होती हुई [[Special:MyLanguage/soul|जीवात्मा]] के एकीकरण का केंद्र है। भौतिक सप्तक में स्वयं के ऊपर विजय प्राप्त कर के जीवात्मा को स्वतंत्र होना होता है। आकाशीय [[Special:MyLanguage/chakra|चक्र]] (सातों प्रमुख तथा आठवाँ), तीन निचले शरीरों से सलंग्न हैं। ये सभी चक्र आध्यात्मिक लौ के केंद्र हैं, तथा यहीं पर आध्यात्मिक उत्थान के वक्त उच्च और निम्न ऊर्जाओं की अदल-बदल, [[Special:MyLanguage/transmutation|रूपांतरण]], [[Special:MyLanguage/Christ consciousness|आत्मिक चेतना]] या यूँ कहिये प्रकाश का उत्सर्ग भी होता है। यही कार्य [[Special:MyLanguage/secret chamber of the heart|ह्रदय के गुप्त कक्ष]] में स्थित [[Special:MyLanguage/threefold flame|त्रिदेव ज्योत]], [[Special:MyLanguage/base-of-the-spine chakra|मूलाधार चक्र]] में निहित [[Special:MyLanguage/Kundalini|कुण्डलिनी शक्ति]] (जीवन शक्ति) एवं शरीर के [[Special:MyLanguage/seed atom|बीज अणु]] में भी होता है। | ||
edits