Translations:Kuthumi/23/hi
भारत के मुगल सम्राट शाहजहाँ (१५९२-१६६६) के रूप में, कुथुमी ने अपने पिता, जहाँगीर, की भ्रष्ट सरकार के विरुद्ध निर्णय लिया, और अपने दादा अकबर की महान नैतिकता को आंशिक (partial) रूप से पुनःस्थापित किया। उनके प्रबुद्ध (enlightened) शासनकाल के समय मुगल दरबार का वैभव अपनी चरम सीमा पर था - तब कला और वास्तुकला काफी उन्नत थी। शाहजहाँ ने संगीत और चित्रकला के प्रचार और प्रसार तथा स्मारकों, मस्जिदों, सार्वजनिक भवनों और सिंहासनों के निर्माण पर अपना बहुत सारा शाही खजाना लगा दिया - इनमें से कुछ चीज़ें आज भी देखी जा सकती हैं।