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दिव्यदूत कोई भी रूप ले सकते हैं - कभी वे मनुष्य रूप धारण करते हैं तो कभी वे ऊर्जा के एक ऐसे केंद्र केंद्र का रूप ले लेते हैं जो आवश्यकता के समय आसानी से मनुष्य के शरीर में प्रवेश कर सके सके सके। दिव्यदूत कई प्रकार के हैं - कुछ का कार्य उपचार करना है, कुछ का रक्षा; कुछ प्रेम करना सिखाते हैं तो कुछ धैर्य और करुणा; कुछ दिव्यदूत जीवन और मरण के चक्र पर कार्यरत हैं तो कुछ ईश्वर के वह नेत्र जिनसे कुछ छुपा हुआ नहीं है, जो सत्य की प्रतिमूर्ति हैं तथा सदा सत्य की [[Special:MyLanguage/sword|तलवार]] लेकर चलते हैं जिससे वे सत्य-असत्य में भेद कर पाएं। दिव्यदूतों को उनके कार्यों के आधार पर वर्गीकृत किया गया है। कुछ दिव्यदूत ऐसे भी हैं जो ब्रह्मांडीय पदानुक्रम के कुछ विशिष्ट कार्य करते हैं - [[Special:MyLanguage/seraphim|सेराफिम]], [[Special:MyLanguage/cherubim|शीरूबिंम]], और वो [[Special:MyLanguage/angel|दिव्यदूत]] जो प्रकृति के साथ कार्य करते हैं अथवा अग्नि, वायु, जल और भूमि [[Special:MyLanguage/elemental|तत्वों]] के साथ सलंग्न हैं। | दिव्यदूत कोई भी रूप ले सकते हैं - कभी वे मनुष्य रूप धारण करते हैं तो कभी वे ऊर्जा के एक ऐसे केंद्र केंद्र का रूप ले लेते हैं जो आवश्यकता के समय आसानी से मनुष्य के शरीर में प्रवेश कर सके सके सके। दिव्यदूत कई प्रकार के हैं - कुछ का कार्य उपचार करना है, कुछ का रक्षा; कुछ प्रेम करना सिखाते हैं तो कुछ धैर्य और करुणा; कुछ दिव्यदूत जीवन और मरण के चक्र पर कार्यरत हैं तो कुछ ईश्वर के वह नेत्र जिनसे कुछ छुपा हुआ नहीं है, जो सत्य की प्रतिमूर्ति हैं तथा सदा सत्य की [[Special:MyLanguage/sword|तलवार]] लेकर चलते हैं जिससे वे सत्य-असत्य में भेद कर पाएं। दिव्यदूतों को उनके कार्यों के आधार पर वर्गीकृत किया गया है। कुछ दिव्यदूत ऐसे भी हैं जो ब्रह्मांडीय पदानुक्रम के कुछ विशिष्ट कार्य करते हैं - [[Special:MyLanguage/seraphim|सेराफिम]], [[Special:MyLanguage/cherubim|शीरूबिंम]], और वो [[Special:MyLanguage/angel|दिव्यदूत]] जो प्रकृति के साथ कार्य करते हैं अथवा अग्नि, वायु, जल और भूमि [[Special:MyLanguage/elemental|तत्वों]] के साथ सलंग्न हैं। | ||
अपने अनंत स्नेह के प्रतीक स्वरुप ईश्वर ने दिव्यदूतों को पदानुक्रम में ऊपर उठने के [[Special:MyLanguage/initiation|मार्ग]] दिए हैं। शताब्दियों तक विधाता के लिए निष्ठा और उसके द्वारा रचित सृष्टि की भक्ति करने के फलस्वरूप, दिव्यदूतों को उपहार के रूप में स्वेच्छा से कार्य करने का तथा जन्म लेने का अधिकार दिया जा सकता है। ऐसा होने पर दिव्यदूत देवताओं के साम्राज्य में विकास कर सकते हैं पर ऐसा तभी हो सकता है जब वे मनुष्यों की तरह इम्तिहानो का सामना कर उनमे उत्तीर्ण हों; ऐसे स्तिथि में दिव्यदूतों पर भी कर्म के सिद्धांत लागू होते हैं। जब वे इन सभी अपेक्षित मानकों पर खरे उतरते हैं तो दिव्यदूत भी [[Special:MyLanguage/ascension|आध्यात्मिक उत्थान]] के पथ से गुज़रते हुए महादेवदूत बन सकते हैं। | |||
== See also == | == See also == | ||
[[ | [[Special:MyLanguage/archangel|महादेवदूत]] | ||
[[ | [[Special:MyLanguage/fallen angels|पतित दिव्यदूत ]] | ||
[[ | [[Special:MyLanguage/three kingdoms|तीन साम्राज्य]] | ||
[[:Category:Heavenly beings|List of ascended masters, cosmic beings and angels]] | [[:Category:Heavenly beings|List of ascended masters, cosmic beings and angels]] | ||
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