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आप आश्वस्त रहिये कि जब आप स्वयं को नीली किरण के गुणों से पूरी तरह से संतृप्त (saturate) कर लेते हैं और अपने मन की हर उस अप्रत्याशित (out-of-step) स्थिति के प्रति सचेत रहते हैं जो आपको ईश्वर के रास्ते से भटका सकती है, तो मैं आपका समर्थक बन जाता हूँ। और एक बार जब मैं किसी शिष्य का समर्थक (champion) बन जाता हूँ तब अंत तक उसका साथ नहीं छोड़ता। तो आप इस बात को समझिये कि मैं आपको अपना चेला बनाने के कार्य को सहजता से नहीं लेता। | आप आश्वस्त रहिये कि जब आप स्वयं को नीली किरण के गुणों से पूरी तरह से संतृप्त (saturate) कर लेते हैं और अपने मन की हर उस अप्रत्याशित (out-of-step) स्थिति के प्रति सचेत रहते हैं जो आपको ईश्वर के रास्ते से भटका सकती है, तो मैं आपका समर्थक बन जाता हूँ। और एक बार जब मैं किसी शिष्य का समर्थक (champion) बन जाता हूँ तब अंत तक उसका साथ नहीं छोड़ता। तो आप इस बात को समझिये कि मैं आपको अपना चेला बनाने के कार्य को सहजता से नहीं लेता। | ||
आपमें से कई शिष्य बनने के रास्ते पर चल रहे हैं। लेकिन | आपमें से कई शिष्य बनने के रास्ते पर चल रहे हैं। लेकिन मैं आपका कई वर्षों तक, कभी-कभी जीवन भर तक, निरीक्षण करता हूँ जब तक मुझे स्वयं सर्वशक्तिमान ईश्वर से संकेत मिलता है कि मैं किसी और का बोझ अपने ऊपर ले सकता हूँ और उसे अपना शिष्य बना सकता हूँ। | ||
आप इस बात को समझिए कि स्वयं को भगवान की इच्छा का भक्त बनाना अच्छी बात है। ऐसा होने पर आप भक्त के रूप में आगे बढ़ते जाएंगे और आपके चार निचले शरीरों और आपके जीवन की परिधि के चारों ओर नीले रंग के कई घेरे बन जाएंगे। जब आप अपने आप को जीवन की कई विषम, अस्थिर एवं विनाशकारी परिस्थितियों में भी सही रास्ते पर चलते रहते हैं तो यह सिद्ध हो जाता है कि आप एक उत्तम शिष्य हैं। तब हम दार्जीलिंग समिति में आपका स्वागत करते हैं। | आप इस बात को समझिए कि स्वयं को भगवान की इच्छा का भक्त बनाना अच्छी बात है। ऐसा होने पर आप भक्त के रूप में आगे बढ़ते जाएंगे और आपके चार निचले शरीरों और आपके जीवन की परिधि के चारों ओर नीले रंग के कई घेरे बन जाएंगे। जब आप अपने आप को जीवन की कई विषम, अस्थिर एवं विनाशकारी परिस्थितियों में भी सही रास्ते पर चलते रहते हैं तो यह सिद्ध हो जाता है कि आप एक उत्तम शिष्य हैं। तब हम दार्जीलिंग समिति में आपका स्वागत करते हैं। | ||
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