7,169
edits
No edit summary |
(Created page with "आप अपने शरीर के मौलिक तत्त्व के अधिकारी हैं। अगर आप उसे सकारात्मक विचार देंगे, आप बेहद प्रसन्न, स्वस्थ और पवित्र रहेंगे। साथ ही यह भी ज़रूरी है की आप नियमित व्यायाम तथा सात्विक भोजन क...") |
||
| Line 26: | Line 26: | ||
इंसान को स्वस्थ रखने के लिये मौलिक तत्व उसके ह्रदय में स्थित [[Special:MyLanguage/Threefold flame|त्रिदेव ज्योत]] और शरीर के सातों [[Special:MyLanguage/chakra|चक्रों]] से प्रवहित होते हुए प्रकाश का इस्तेमाल करता है। ये चक्र ह्रदय की ऊर्जा को [[Special:MyLanguage/four lower bodies|चारों निचले शरीरों]] में वितरित करते हैं, परन्तु अगर ये चक्र सूक्ष्म स्तर के प्रदुषण से प्रभावित होते हैं तो मौलिक तत्व भौतिक स्तर पर अपना काम करने में बाधित होता है। इंसान जितना अधिक प्रकाश अपने शारीरिक प्रभावक्षेत्र में संचारित करता है, मौलिक तत्व उतना ही प्रकाश उसकी सेवा में अर्पित करता है। | इंसान को स्वस्थ रखने के लिये मौलिक तत्व उसके ह्रदय में स्थित [[Special:MyLanguage/Threefold flame|त्रिदेव ज्योत]] और शरीर के सातों [[Special:MyLanguage/chakra|चक्रों]] से प्रवहित होते हुए प्रकाश का इस्तेमाल करता है। ये चक्र ह्रदय की ऊर्जा को [[Special:MyLanguage/four lower bodies|चारों निचले शरीरों]] में वितरित करते हैं, परन्तु अगर ये चक्र सूक्ष्म स्तर के प्रदुषण से प्रभावित होते हैं तो मौलिक तत्व भौतिक स्तर पर अपना काम करने में बाधित होता है। इंसान जितना अधिक प्रकाश अपने शारीरिक प्रभावक्षेत्र में संचारित करता है, मौलिक तत्व उतना ही प्रकाश उसकी सेवा में अर्पित करता है। | ||
आप अपने शरीर के मौलिक तत्त्व के अधिकारी हैं। अगर आप उसे सकारात्मक विचार देंगे, आप बेहद प्रसन्न, स्वस्थ और पवित्र रहेंगे। साथ ही यह भी ज़रूरी है की आप नियमित व्यायाम तथा सात्विक भोजन करें और आध्यात्मिक उन्नति के लिए ज्ञान अर्जन करें क्योंकि ऐसा न करने पर शरीर का मौलिक तत्व चाह कर भी अच्छा कार्य नहीं कर सकता। | |||
<span id="The_immortality_of_the_body_elemental"></span> | <span id="The_immortality_of_the_body_elemental"></span> | ||
edits