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प्रिय, आप इस बात को समझिए कि स्वयं को भगवान की इच्छा का सेवक बनाना बहुत गौरव की बात है। इस अवस्था में आप सेवक के रूप में आगे बढ़ते जाएंगे और आपके चार निचले शरीरों और आपके जीवन की परिधि (circumference) के चारों ओर नीले रंग के कई घेरे बन जाएंगे। जब आप जीवन की कई अस्थिर एवं विनाशकारी परिस्थितियों में भी सही रास्ते पर चलते रहते हैं तो यह सिद्ध हो जाता है कि आप एक पहले क्रम के शिष्य हैं। तब दार्जीलिंग समिति में आपका अभिषेक किया जा सकता है। | प्रिय, आप इस बात को समझिए कि स्वयं को भगवान की इच्छा का सेवक बनाना बहुत गौरव की बात है। इस अवस्था में आप सेवक के रूप में आगे बढ़ते जाएंगे और आपके चार निचले शरीरों और आपके जीवन की परिधि (circumference) के चारों ओर नीले रंग के कई घेरे बन जाएंगे। जब आप जीवन की कई अस्थिर एवं विनाशकारी परिस्थितियों में भी सही रास्ते पर चलते रहते हैं तो यह सिद्ध हो जाता है कि आप एक पहले क्रम के शिष्य हैं। तब दार्जीलिंग समिति में आपका अभिषेक किया जा सकता है। | ||
जी हाँ, ये एक | जी हाँ, ये एक बहुत विशेष अवसर है और हर कोई अपने आप को इस लायक बना सकता है। मैं इसके बारे में बात कर रहा हूं क्योंकि मैंने पृथ्वी का सर्वेक्षण किया है और मैंने इस कक्षा में दिए गए उपदेशों को सुना है। मैं समझता हूं कि अगर इन शिक्षाओं के अस्तित्व के बारे में लोगों को पता होगा तो बहुत सारे ऐसे लोग होंगे जो इन शिक्षाओं को खोजेंगे। | ||
चूँकि मैं इस गतिविधि और इस पथ के लिए लाखों जीवात्माओं को प्रायोजित करने वाला हूँ, मुझे यह सुनिश्चित करना होगा कि पृथ्वी पर जिन लोगों ने इस समुदाय का गठन किया है वे सच्चे शिष्य हैं।<ref>एल मोर्या, "क्लीन हाउस !”{{POWref|३८|२६}}</ref></blockquote> | चूँकि मैं इस गतिविधि और इस पथ के लिए लाखों जीवात्माओं को प्रायोजित करने वाला हूँ, मुझे यह सुनिश्चित करना होगा कि पृथ्वी पर जिन लोगों ने इस समुदाय का गठन किया है वे सच्चे शिष्य हैं।<ref>एल मोर्या, "क्लीन हाउस !”{{POWref|३८|२६}}</ref></blockquote> | ||
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