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=== समिट लाइटहाउस की स्थापना === | === समिट लाइटहाउस की स्थापना === | ||
१९२० और १९३० के दशक के दौरान दिव्यगुरु एल मोर्या ने [[Special:MyLanguage/Nicholas | १९२० और १९३० के दशक के दौरान दिव्यगुरु एल मोर्या ने [[Special:MyLanguage/Nicholas Roerich|निकोलस रोरिक और हेलेना रोरिक]] (Nicholas and Helena Roerich) के साथ काम किया, जिन्होंने कई प्रकाशित कार्यों में अपने लेखन को प्रस्तुत किया। | ||
एल मोर्या (El Morya) ने १९५८ में वाशिंगटन, डी.सी.(Washington, D.C.) में द समिट लाइटहाउस (The Summit Lighthouse) की स्थापना की, जिसका उद्देश्य सन्देश वाहकों (Messengers) मार्क और एलिजाबेथ प्रोफेट (Mark and Elizabeth Prophet) को दी गई दिव्यागुरुओं की शिक्षाओं को प्रकाशित करना था। अपने विभिन्न अवतारों में ईश्वर की इच्छा के सिद्धान्तों को धरती पर स्थापित करने के उनके प्रयासों का यह एक भाग है। | एल मोर्या (El Morya) ने १९५८ में वाशिंगटन, डी.सी.(Washington, D.C.) में द समिट लाइटहाउस (The Summit Lighthouse) की स्थापना की, जिसका उद्देश्य सन्देश वाहकों (Messengers) मार्क और एलिजाबेथ प्रोफेट (Mark and Elizabeth Prophet) को दी गई दिव्यागुरुओं की शिक्षाओं को प्रकाशित करना था। अपने विभिन्न अवतारों में ईश्वर की इच्छा के सिद्धान्तों को धरती पर स्थापित करने के उनके प्रयासों का यह एक भाग है। | ||